तुम्हारे पास
अर्थ हैं जितने
मेरे पास
शब्द न उतने
बड़े मीठे है
तुम्हारे...
गीत अनसुने
बहुत सच्ची है
तुम्हारी...
कहानी अनसुनी
हर बात कहती हैं
मुझसे...
ये आँखें अनकही
अहसास झरने सा
तुम्हारी...
पावन हँसी
संवार दो अलक
हौले से...
मेरे माथे पर पड़ी
ठीक से आती नहीं
मुझ तक...
तुम्हारे चेहरे की चाँदनी

