विरासत में मिली
जो रोक देती
मेरे तुम तक
बढ़ते कदम
मेरे पाँव मुझसे
नज़दीकियों की
मांग करते
जिसकी तलाश में
गुजरते रात -दिन
गुम कर दिया
मैंने अपना पता
अपने हाथों से
इसी दुनिया में रहते
नई दुनिया तराश डाली
अब मेरे मन के
दो पाँव हो गए
एक पाँव....
अतीत का साथ देता है
दूजा कहता है....
अतीत में जीना बुरा होता है....
