पेज
मुखपृष्ठ
मेरी कविताएं
तिरंगा
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
तिरंगा
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
रविवार, 14 अगस्त 2016
आज़ादी....!
एक बात कहूँ..?
खरीदोगे तो
अपमान करोगे
सड़कों पर फेंकोगे
न खरीदोगे तो
नन्हे मज़दूरों का
साल भर का
इन्तज़ार व्यर्थ
चलो मान लिया
तुम मना लोगे
इनके बनाए हुए
झंडे बिना आज़ादी
क्या है कोई हल...?
जो पूरा कर दे इनके
छोटे - छोटे सपने
जो दिला सके इन्हें
भूख और गरीबी से
आज़ादी....!
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
मोबाइल वर्शन देखें
सदस्यता लें
संदेश (Atom)