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शुक्रवार, 25 जनवरी 2013
गणतंत्र …… संध्या शर्मा
झोंपड़ियों से
बंगलों तक
तहसील से
थानों तक
अफ़सरों से
नेताओं तक
गलियों से
चौबारों तक
जंगल से
शहरों तक
हर जगह ढूँढा
नहीं मिला
गणतंत्र
इसका ठिकाना
सुना, आप भी
खोज रहे हैं
मिल जाये तो
मुझे भी बताना
कहाँ मिला
गणतंत्र
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