सोमवार, 25 फ़रवरी 2013

रमतूला... संध्या शर्मा



बड़ी मुश्किल से रात कटती
कब सुबह हो और उसे मिलूं
भुनसारे की चिरैया के जागते ही
जग जाती थी वो
पता नहीं क्यों बहुत भाता था
संग उसका
सिर्फ बरसात के दिनों में ही मिलती थी
उसका छोटी - छोटी साड़ी पहनना   
और उसका वह खास खिलौना
ईंट बनाने का सांचा
उसकी मोटर गाड़ी थी
एक रस्सी बाँधकर चलाती 
बहुत अच्छा लगता
लगता भी क्यों नहीं
बचपन होता ही ऐसा है
खेल कूद गुड्डे-गुड़िया
इतनी सी दुनिया होती है बचपन की
वो भी एक गुड़िया जैसी लगती
लेकिन वह गाती भी बहुत अच्छा थी
उसके साथ खेलते हुए हमने भी सीख लिया
उसका गाना
घर आकर जब हम गुनगुनाते
"ओ री बऊ कबे बजहे रमतूला"
माँ बहुत गुस्सा होती 
कई बार जानना चाह माँ से इसका अर्थ
माँ बहाने से टाल जाती
अचानक एक साल वह नहीं आई
मैं बहुत दुखी थी माँ से पूछा
माँ वह इस साल क्यों नहीं आई
माँ बोली....
अब वह कभी नहीं आएगी
बज गया रमतूला........

25 टिप्‍पणियां:

  1. अब वह कभी नहीं आएगी
    बज गया रमतूला........लाजबाब अभिव्यक्ति ,,,,

    Recent Post: कुछ तरस खाइये

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत अच्छी रचना..
    हृदयस्पर्शी...

    सस्नेह
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  3. काफी मार्मिक है
    सच दुबारा पढ़ूँगी तो रो दूँगी

    उत्तर देंहटाएं
  4. संवेदना को स्पर्श करती हुई रचना..आह...

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत ही मार्मिक एवं उम्दा प्रस्तुति.

    उत्तर देंहटाएं

  6. सार्थक प्रस्तुती बहुत अच्छी रचना

    मेरी नई रचना

    ये कैसी मोहब्बत है

    खुशबू

    उत्तर देंहटाएं
  7. बाकि सब बहुत अच्छा .....रमतूला ????????........शायद शहनाई ???

    उत्तर देंहटाएं
  8. मार्मिक ... रचना पढ़के जरूर समझ आता है ... पर शब्द का मतलब अभी भी जान सका ...

    उत्तर देंहटाएं
  9. उफ़ बेहद मार्मिक एवं ह्रदय स्पर्शी प्रस्तुति दी

    उत्तर देंहटाएं
  10. सचमुच !
    अंत में सन्न हो गया !
    मार्मिक प्रस्तुति !

    उत्तर देंहटाएं
  11. बच्‍चों के भाव-संसार का कोमल वर्णन।

    रमतूला क्‍या होता है?

    उत्तर देंहटाएं
  12. उसका गाना
    घर आकर जब हम गुनगुनाते
    "ओ री बऊ कबे बजहे रमतूला"
    माँ बहुत गुस्सा होती

    रमतूला क्‍या होता है? क्या शादी का वाद्ययंत्र है? बचपन के हसीं पलों का सुन्दर लेखा जोखा

    उत्तर देंहटाएं
  13. "रमतूला" शादियों में बजने वाला वाद्ययंत्र है

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत खूब आपके भावो का एक दम सटीक आकलन करती रचना
    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    तुम मुझ पर ऐतबार करो ।

    उत्तर देंहटाएं
  15. सुन्दर,मार्मिक प्रस्तुति | बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  16. वहा बहुत खूब बेहतरीन

    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में

    तुम मुझ पर ऐतबार करो ।

    उत्तर देंहटाएं