शनिवार, 9 मार्च 2013

अंतरात्मा... संध्या शर्मा

(1)
 
तू...
चली गई
अच्छा ही हुआ 
रहती तो 
दिल धडकता 
अन्याय के 
विरोध में 
कभी तो 
भड़कता
 
(2)
 
अब
सबकी 
सुनती हूँ 
दबा सकती हूँ 
आवाज़ मन की 
तू होती तो 
हारती 
रोज तुझसे 
तेरा क़र्ज़ 
मैं चुकाती 
 
(3)
 
देख 
कैसी निर्लज्ज हूँ 
तू नहीं है 
फिर भी
बचा रखी हैं 
कुछ साँसे 
बिन तेरे भी 
जीने के लिए 
इस शरीर को 
देती हूँ रोज
थोड़ी-थोड़ी

26 टिप्‍पणियां:

  1. अंतरात्मा बिन जीना ..... तीनों ही रचनाएँ गहरी अभिव्यक्ति लिए

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ही भावपूर्ण और उम्दा प्रस्तुतिकरण,आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  3. संध्‍या जी बहुत ही यथार्थपरक, सामूहिक संवेदना उकेरी है आपने। संतुष्टि तो तब हो जब चाहा गया व्‍यवहार बन सके।

    उत्तर देंहटाएं
  4. अंतरात्मा की ध्वनि सुन पाने के लिए सम्वेदनशील होना ही पड़ेगा ,अच्छी रचना .....

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (10-03-2013) के चर्चा मंच 1179 पर भी होगी. सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत भावपूर्ण और मर्मस्पर्शी रचना...

    उत्तर देंहटाएं
  7. एक आवाज़
    तेरी या मेरी
    यूँ ही गूंजती रहें
    कुछ तेरे दिल,कुछ मेरे दिल
    बस वो यूँ ही खुद को
    जिन्दा रखे ||...अंजु(अनु)

    उत्तर देंहटाएं
  8. तीनों ही रचनाएँ भावपूर्ण और मर्मस्पर्शी

    उत्तर देंहटाएं
  9. लाजवाब प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...
    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ...

    उत्तर देंहटाएं
  10. तीनों अतरात्मा की आवाज मन को बेध गई
    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ...

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ !
    सादर

    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    अर्ज सुनिये

    उत्तर देंहटाएं
  12. अंतरात्मा की आवाज और सोच से उपजे विचार.
    सुंदर प्रस्तुति.

    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत सुन्दर रचना... महाशिवरात्रि की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  14. मार्मिक ... गहरा दुःख लिए मन की आवाज़ ...
    परम को छूती हैं तीनों ..

    उत्तर देंहटाएं
  15. सुन्दर प्रस्तुति... बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  16. तीनों ही रचनाएँ बहुत ही गहन भाव लिए है...
    बेहतरीन रचनाएँ ..

    उत्तर देंहटाएं
  17. कई बार यही तो करने का जी होता है.. अंतरात्मा के साथ..

    उत्तर देंहटाएं