बुधवार, 5 अक्तूबर 2011

"काश कि फिर मर जाये रावण,..." संध्या शर्मा

हर साल जलाते हो जिसको,
हर साल जन्म ले लेता है.
कद छोटा नहीं होता जिसका,
दिनों दिन बढता जाता है.
आ जाता है रूप बदलकर, 
देखो अब भी ज़िन्दा है.
माया, मोह, अहंकार, क्रोध बन,
रहता सबके अन्दर है.
अपने अन्दर का राम जगाओ,
राम राज्य फिर वापस लाओ.
रावण की सच्चाई जानो,
मन के भीतर का रावण मारो.
रावण ने ही राम मिलाये,
हेतु वही था जो धरा पर आये.
ये सतयुग की सच्चाई है,
पर आज जहाँ पर छाई है....
"काश कि फिर मर जाये रावण,
हो जाये फिर से धरती पावन..."

विजय पर्व "विजयादशमी"  पर आप सभी को ढेर सारी शुभकामनायें... संध्या शर्मा
 

29 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर...विजयादशमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !

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  2. सुंदर रचना ...हार्दिक शुभकामनायें

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  3. सटीक बात ... अंदर के रावण को मारना होगा ...

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  4. बहुत ही प्रेरणा दायक विचार !!!
    विजय पर्व "विजयादशमी" पर आप सभी को ढेर सारी शुभकामनायें..

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  5. काश यह सच हो जाये , बहुत सुंदर रचना ,आभार

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  6. बढिया प्रस्‍तुति.....
    अब तक रामायण की करोडों प्रतियां छप चुकी हैं और बिक चुकी हैं पर अफसोस कि दूसरा राम पैदा नहीं हुआ.. पर रावणों की संख्‍या बढती ही जा रही है.....
    असत्‍य पर सत्‍य की जीत के पर्व दशहरा की शुभकामनाएं.....

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  7. रावण जुग जुग की सच्चाई है

    विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  8. बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए रावण को ख़त्म होना ही चाहिए. अतिसुन्दर रचना

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  9. काश कि ऐसा हो जाए !
    विजयदशमी की बहुत शुभकामनायें !

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  10. बहुत ही प्रेरणा दायक विचार|
    विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  11. रावण क्यूँ जले ? कभी जल भी नहीं सकेगा रावण , क्योंकि उसने एक दृश्य उपस्थित किया था सत्य का - रावण ने सीता के साथ कुछ भी नहीं किया - उसने तो बस परोक्ष का सत्य सामने किया
    कुछ तो परिवर्तन लाओ युवा क़दमों - रावण क्या सच में बुराई का प्रतीक है? यदि यह सत्य होता तो खुद के नाश यज्ञ की पूजा वह खुद नहीं संपन्न करवाता !

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  12. विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।


    सादर

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  13. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

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  14. रामे चित्तलयति भवतु भो राम मामुद्धर!!

    विजय-पर्व की मंगलकामनाएं...

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  15. mam sab ravan dhire dhire mare hi jayenge jab inke paap ka ghada bhar jayega..
    achi rachna..
    jai hind jai bharat

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  16. बढ़िया प्रस्तुति...
    विजयादशमी की सादर बधाइयां...

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  17. रावन तो तब मरे ,जब अपने अन्दर राम जागृत करें
    सुन्दर अभिव्यक्ति .साधुवाद जी

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  18. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच 659,चर्चाकार-दिलबाग विर्क

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  19. बहुत सुन्दर और सटीक रचना लिखा है आपने ! बेहतरीन प्रस्तुती!
    आपको एवं आपके परिवार को दशहरे की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें !

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  20. बहुत ही अच्छा पोस्ट । आपका मेरे पोस्ट पर इंतजार रहेगा ।
    धन्यवाद ।.

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  21. सुंदर रचना.

    हार्दिक शुभकामनायें.

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  22. काश की मर जाए रावण हमेशा-हमेशा के लिए...आपकी वाणी और हम सब की आकांक्षा पूर्ण हो. शुभकामनायें.

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  23. लाजवाब प्रस्तुती.
    आपको एवं आपके परिवार को दशहरे की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें .

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  24. सार्थक चिंतन,सुंदर अभिव्यक्ति .शुभकामनायें.

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  25. बहुत रावण पैदा हो चुके हैं संध्या जी !
    आसानी से नहीं मरने वाले ....
    शुभकामनायें !

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  26. सुन्दर और सटीक प्रस्तुती!
    देर से ही सही
    दशहरे की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें ......!

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