मंगलवार, 11 अक्तूबर 2011

उड़ान.... संध्या शर्मा



आज फिर जी लिया
फुर्सत के पलों में
खुद को
आज फिर देखा
खुले आसमान में
उड़ते पक्षियों को
हर दिशा में
स्वच्छंद होकर
मैं भी उड़ चली
धीरे-धीरे
उनके पीछे-पीछे...

देखो
लौट आये हैं
सबके सब
थक हारकर
अपने-अपने घोसलों में
पूरी करके
अपनी-अपनी खोज...

और मैं
उड़ रही हूँ अब भी
बिना रुके
बिना थके
पंख फैलाये
अनंत आकाश में
अब भी यहीं हूँ
एक तलाश में...

मेरे लिए महत्वपूर्ण है
गति और निरंतरता
रफ़्तार धीमी हो
या हो तेज़
पहुंचा ही देती है
गंतव्य तक
एक ऐसा गंतव्य
जहाँ पहुंचकर भी लगता है
बाकी है अब भी कुछ
कुछ शेष है अभी भी ...

यही भावना है
जो बल देती है
मेरे पंखों को
जोश भरती है
मेरी उड़ान में
एक अनंत उड़ान
मेरे विचारों की उड़ान....  
 

34 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  2. मेरे लिए महत्वपूर्ण है
    गति और निरंतरता
    रफ़्तार धीमी हो
    या हो तेज़
    पहुंचा ही देती है
    गंतव्य तक
    एक ऐसा गंतव्य
    जहाँ पहुंचकर भी लगता है
    बाकी है अब भी कुछ
    कुछ शेष है अभी भी ...

    यही भावना है
    जो बल देती है
    मेरे पंखों को
    जोश भरती है
    मेरी उड़ान में
    एक अनंत उड़ान
    मेरे विचारों की उड़ान....

    Bahut khoob

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  3. यही भावना है
    जो बल देती है
    मेरे पंखों को
    जोश भरती है
    मेरी उड़ान में//
    bahut hi sundar....

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  4. बहुत ही भावपूर्ण रचना...बधाई स्वीकारें

    नीरज

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  5. विचारों की उडान तो अनंत ही होती है...
    इसका कोई ठौर नहीं होता...

    सुंदर प्रस्‍तुति...
    शुभकामनाएं....

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  6. यही अनंत उड़ान जीवित रहने का अहसास दिलाती है।

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  7. मेरे विचारों की उड़ान....

    Yahi Udan hame jeevant banaye rakhati hai..... Bahut Sunder

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  8. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  9. वाह संध्या जी दिल को छू लेने वाली ऊँची उडान क्या बात है
    सुंदर प्रस्‍तुति शुभकामनाएं..

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  10. मेरे लिए महत्वपूर्ण है
    गति और निरंतरता
    रफ़्तार धीमी हो
    या हो तेज़
    पहुंचा ही देती है
    गंतव्य तक
    एक ऐसा गंतव्य
    जहाँ पहुंचकर भी लगता है
    बाकी है अब भी कुछ
    कुछ शेष है अभी भी ... यही तो ज़िन्दगी का रहस्य है

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुंदर प्रस्‍तुति ||

    शुभकामनाएं ||

    उत्तर देंहटाएं
  12. मेरे लिए महत्वपूर्ण है
    गति और निरंतरता
    रफ़्तार धीमी हो
    या हो तेज़
    पहुंचा ही देती है
    गंतव्य तक
    एक ऐसा गंतव्य
    जहाँ पहुंचकर भी लगता है
    बाकी है अब भी कुछ
    कुछ शेष है अभी भी
    sandhya ji..sirf pankhon se nahi hauslon se udan hoti hai..dheere chalo ya tej chalo ..majar chalo..chalna jeewan hai..gati me suvas hai..rukav me sadan hai..kuch paane ki lalsa satat hona chahiye..lalsa khatam jeewan khatam..bahut kuch sach me baki hai aapki lekhni eun hi chalti rahe..sadar badhayee aaur amantran ke sath

    उत्तर देंहटाएं
  13. सुन्दर भावों को दर्शाती एक सुन्दर पोस्ट|

    उत्तर देंहटाएं
  14. मेरे लिए महत्वपूर्ण है
    गति और निरंतरता
    रफ़्तार धीमी हो
    या हो तेज़
    पहुंचा ही देती है
    गंतव्य तक
    एक ऐसा गंतव्य
    जहाँ पहुंचकर भी लगता है
    बाकी है अब भी कुछ
    कुछ शेष है अभी भी ...


    bahut hi achchi rachna.....
    jai hind jai bharat

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  15. मन को छू लेंने वाली सुंदर प्रस्तुति.

    बहुत बधाई और शुभकामनायें.

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  16. बहुत सुन्दरता से आपने हर एक शब्द लिखा है! बेहद ख़ूबसूरत एवं भावपूर्ण रचना! उम्दा प्रस्तुती!

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  17. यही भावना है
    जो बल देती है
    मेरे पंखों को
    जोश भरती है
    मेरी उड़ान में
    एक अनंत उड़ान
    मेरे विचारों की उड़ान.... behtreen prstuti...

    उत्तर देंहटाएं
  18. यही भावना है
    जो बल देती है
    मेरे पंखों को
    जोश भरती है
    मेरी उड़ान में
    एक अनंत उड़ान
    मेरे विचारों की उड़ान.... मन को छू लेंने वाली सुंदर प्रस्तुति.

    उत्तर देंहटाएं
  19. मेरे लिए महत्वपूर्ण है
    गति और निरंतरता...
    अत्यंत सार्थक अभिव्यक्ति....
    सादर...

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  20. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच-666,चर्चाकार-दिलबाग विर्क

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  21. गति और निरंतरता से ही बनती है सफल उडान ।
    सुंदर प्रस्तुति ।

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  22. मन के जीते जीत है..बहुत-बहुत बधाई.

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  23. उड़ान-आपकी रचना मुझे बहुत ही अच्छी लगी लगता आपने इसे खूब मन से लिखा है,बधाई..साथ ही आमत्रित कर रहा हूँ अपने ब्लॉग में आने का..

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  24. यही उड़ान की निरंतरता ही तो जिंदगी है ....
    जीवन दर्शन , को samete सुन्दर रचना

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  25. यही भावना है
    जो बल देती है
    मेरे पंखों को
    जोश भरती है
    मेरी उड़ान में
    एक अनंत उड़ान
    मेरे विचारों की उड़ान..
    बहुत ही सुंदर ।
    मेरे पोस्ट पर आपका निमंत्रण है धन्यवाद ।.

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  26. भाव पूर्ण प्रस्तुति सुन्दर ,मनोहर .

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  27. बेहद ख़ूबसूरत दिल को छू रही है यह कविता ....संध्या जी

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  28. कुछ दिनों से बाहर होने के कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका

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  29. उड़ान के रुकने पे अंत भी आ जाता है ... इसलिए .. उड़ान जारी रहनी चाहिए ,,,,

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