रविवार, 5 अगस्त 2012

दोस्ती... संध्या शर्मा

दोस्ती एक सुन्दर मुक्त स्वरूप की संकल्पना ! एक बंधन..."दोस्ती" मात्र शब्द नहीं एक अहसास है ....जहाँ दो सत्यों का मिलन हो वहां सच्ची दोस्ती पनपती है ....जहाँ कोई भेद नहीं ....कोई द्वैत नहीं ....बस है तो एक मधुर अहसास ..! दोस्ती निस्स्वार्थ रूप में किया गया स्नेह, प्रेम, एक आलौकिक प्रेम की मधुर अनुभूति मैत्री... बरखा की बूंदों से कोई पूछता है क्या "तू यहाँ क्यों गिरी?" कभी तितलियों से पूछा है "तूने यही फूल क्यों चुना? "  फिर दोस्ती में ऐसे प्रश्न क्यों? सचमुच यह मित्रता स्त्री-पुरुष, सजीव-निर्जीव, ऊंच-नीच के भेद-भाव से परे होती है... कल की यादों के लिए आज के पल-पल को जी लो, अपनी राहें कभी न कभी तो अलग होनी ही हैं. हाथों में हाथ न सही दोस्ती का खुला आकाश यादों में जीवन भर के लिए साथ होगा ना, इतना भी काफी है जीने के लिए.    

दोस्ती करो तो 
जल सी निर्मल करो
दूर होकर भी
पल-पल याद आये
ऐसी करो

दोस्ती करो तो
चाँद - तारों सी अटूट करो
अंजली में भरकर भी
आकाश में ना समाये
ऐसी करो

दोस्ती करो तो
दीपक जैसी करो
अँधेरे में प्रकाश भर दे
ह्रदय को मंदिर कर दे
ऐसी करो 

दोस्ती करो तो
प्रकृति सी सुन्दर करो
नाज़ुक डोर विश्वास की
जीवन भर को बंध जाये
ऐसी करो

दोस्ती करो तो
कृष्ण-सुदामा सी पावन करो
विप्र-नृप का भेद भी
बीच ना आए
ऐसी करो

20 टिप्‍पणियां:

  1. मित्रता दिवस पर दोस्ती के अर्थ खोलती बेहतरीन कविता। दिल को छूने वाले अहसास जगाती, गुदगुदाती और दूर कहीं यादों में ले जाकर मन को टटोलने के लिए विवश करती।..बधाई हो।

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  2. दोस्ती के विभिन्न आयामों को सामने लाती कविता .....प्रासंगिक है ...!

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  3. सुंदर कविता दोस्ती के रंग समेटे... ....शुभकामनायें ....

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  4. बहुत-बहुत सुन्दर कविता..
    मित्रता दिवस की आपको ढ़ेर सारी शुभकामनाये
    :-) :-) :-) :-) :-)

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  5. दोस्ती करो तो
    कृष्ण-सुदामा सी पावन करो
    विप्र-नृप का भेद भी
    बीच ना आए
    ऐसी करो

    मित्रता दिवस पर बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ..

    बहुत बहुत शुभकामनाएं !!

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  6. बेहतरीन रचना

    मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!



    सादर

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  7. खूबसूरत विचार. दोस्ती के महत्व को समझाने और समझने के लिये.

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  8. दोस्ती करो तो
    कृष्ण-सुदामा सी पावन करो
    विप्र-नृप का भेद भी
    बीच ना आए
    ऐसी करो

    सुन्दर आत्मिक बंधन सुख दुःख का एहसास

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  9. वाह खूबसूरत रंग है दोस्ती के……………मित्रतादिवस की हार्दिक शुभकामनायें

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  10. दोस्ती ऐसी करो,जो दिल में जगह बनाय
    मुसीबत में साथ रहे, हरदम साथ निभाय,,,,,,,,

    संध्या जी,,दोस्ती के रंग में रची बेहतरीन रचना,,,,,
    RECENT POST ...: रक्षा का बंधन,,,,

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  11. दोस्ती पर बहुत प्यारे-प्यारे रंग बिखेरे है..मित्रतादिवस की हार्दिक शुभकामनायें

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  12. दोस्ती कि खुबसूरत अभिवयक्ति.....

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  13. दोस्ती करो तो
    दीपक जैसी करो
    अँधेरे में प्रकाश भर दे
    ह्रदय को मंदिर कर दे
    ऐसी करो

    अर्थपूर्ण रचना ... सच है दोस्ती में निस्वार्थ होना चाहिए ... निर्मल और बस दोस्ती का भाव होना चाहिए ...
    मित्रता दिवस की शुभकामनायें ...

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  14. दोस्ती करो तो
    प्रकृति सी सुन्दर करो
    नाज़ुक डोर विश्वास की
    जीवन भर को बंध जाये
    ऐसी करो

    हरेक पंक्तियाँ सच्ची दोस्ती को परिभाषित करती हुई ..
    साभार !
    मित्रता दिवस की शुभकामनाएँ !

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  15. अर्थ पू्र्ण कवित्त, एक एक शब्द मोती से पिरोए हुए। दोस्ती का स्वरुप निस्वार्थ ही है और ऐसा दोस्त गर मिल जाए तो जीवन ही सफ़ल हो जाए।शुभकामनाएं संध्या जी। बहुत ही उत्तम विचार हैं।

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  16. दोस्‍ती का ओज लिए यह सारगर्भित अभिव्‍यक्ति
    आभार

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