गुरुवार, 31 दिसंबर 2015

स्वागत नवीनता का ...

परिवर्तन प्रकृति का नियम है, जो कभी परिवर्तित नहीं होता। सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जाए तो हर परिवर्तन नवीनता से भरपूर होता है, तो आइये इस नवीनता का स्वागत करें। नववर्ष आप सबके लिए मंगलकारी हो..... 



क्या होगा
क्यों होगा
कब होगा
कैसे होगा
नई शंकाएँ
नए सवाल
जो होगा
जब होगा
तभी होगा
समय भी पाबंद है
खुद समय का
चाहकर भी 
नही लाँघ सकता
समय की सीमा 
क्यों न साथ चलें...
संध्या शर्मा

7 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर, जीवन को जीने की आशा जगाते भाव

    उत्तर देंहटाएं
  2. सकारात्मक भाव । सुन्दर प्रस्तुति ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. सकारात्मक भाव । सुन्दर प्रस्तुति ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बिलकुल सही सन्देश...जीवन में जो भी आता जाये स्वीकार करते जाएँ....

    उत्तर देंहटाएं
  5. बिलकुल सही सन्देश...जीवन में जो भी आता जाये स्वीकार करते जाएँ....

    उत्तर देंहटाएं
  6. सच कहा है जो मिले उसे हंस के स्वीकारें ... जीवन सतत है चलता रहता ...

    उत्तर देंहटाएं
  7. दूसरा विकल्प भी तो नहीं ।

    उत्तर देंहटाएं