एक आंधी का इंतज़ार है
एक तूफ़ान की ख्वाहिश है
झुकी आँखें राह तकती हैं
धुंध है, ओस बिखरी सी है
आँखों में कुछ नमीं सी है
बीते पल की भीनी खुशबू
पलकों पर बूँद बनकर
आज थमी - थमी सी है
वक़्त ने सिफारिश की है
ख़ुशी हासिल करने की
एक आजमाइश सी है
दो बूँद भी तो काफी हैं
एक जिंदगी के लिए
एक तुम बरसा दो
एक मैं छलका दूँ ....


