शनिवार, 31 दिसंबर 2016

आकांक्षा...संध्या शर्मा

आने वाला वर्ष सभी के लिए मंगलमय हो इसी कामना के साथ आप सभी को सहपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ...

ओ अम्बर!
मैंने कभी नहीं  चाहा 
तुम्हारी ऊंचाईयों को छूना 
हमेशा डूबना चाहा 
तुम्हारे विस्तार में
बस इतनी चाहत है 
जड़े रहें चांद-सितारे
दामन में तुम्हारे 
सागर भी आकर 
चरण तुम्हारे पखारे 
और मैं 
पलकें बंद करके 
डूबी रहूँ
प्रीत की गहराईयों में ....

8 टिप्‍पणियां:

  1. दिनांक 01/01/2017 को...
    आप की रचना का लिंक होगा...
    पांच लिंकों का आनंद... https://www.halchalwith5links.blogspot.com पर...
    आप भी इस प्रस्तुति में....
    सादर आमंत्रित हैं...

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  2. अम्बर तो सभी का है साझा ... पर प्रीत मिल जाए तो जीवन सज जाता है ...
    नव वर्ष मंगलमय हो ...

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  3. बहुत सुंदर भावपूर्ण प्रार्थना..

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  4. बहुत सुंदर ...
    नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं !

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  5. सुन्दर शब्द रचना
    नव बर्ष की शुभकामनाएं
    http://savanxxx.blogspot.in

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  6. वाह बहुत सुन्दर -------और मैं
    पलकें बंद करके
    डूबी रहूँ
    प्रीत की गहराईयों में ...

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