ख़्वाब ...
बंद पलकों में,
सजते हैं,
मुस्कुराते हैं....
खुली आँखें तो,
टूटते हैं,
बिखर जाते हैं......
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सोमवार, 20 दिसंबर 2010
रविवार, 5 सितंबर 2010
"MUJHKO TU CHAHIYE"
"CHAND TAARE NA YE CHANDANEE CHAHIYE,
TERE JAISA NAHI MUJHKO TU CHAHIYE.
VO MILEGA MUJHE YE YAKIN HAI MAGAR,
AAKHIRI SAANS TAK JUSTAZU CHAHIYE.
KHWAB TO KHWAB HAI, YE HAKIQAT NAHI,
KHWAB MAIN TU NAHI ROOBAROO CHAHIYE.
YU TARASHUN TUMHE OOMRA BHAR PATTHARON,
TERE JAISA KOI HOOBAHOO CHAHIYE.
RANGE GUL SE SAJA HAI YE GULSHAN MAGAR,
MUJHKO RANGAT TERI HAR GALI CHAHIYE...."
TERE JAISA NAHI MUJHKO TU CHAHIYE.
VO MILEGA MUJHE YE YAKIN HAI MAGAR,
AAKHIRI SAANS TAK JUSTAZU CHAHIYE.
KHWAB TO KHWAB HAI, YE HAKIQAT NAHI,
KHWAB MAIN TU NAHI ROOBAROO CHAHIYE.
YU TARASHUN TUMHE OOMRA BHAR PATTHARON,
TERE JAISA KOI HOOBAHOO CHAHIYE.
RANGE GUL SE SAJA HAI YE GULSHAN MAGAR,
MUJHKO RANGAT TERI HAR GALI CHAHIYE...."
मंगलवार, 17 अगस्त 2010
WAQT NAHI
है ख्वाब भरे इन आँखों में,
पर सोने का वक़्त नहीं,
ज़ख्म भरे हैं सीने में,
पर सीने का वक़्त नहीं,
हर पल दौड़ती दुनिया है,
पर जीने का वक़्त नहीं,
हजारों ग़म इस दिल में भरे,
पर रोने का वक़्त नहीं,
सारे नाम ज़ेहेम में हैं,
पर दोस्ती का वक़्त नहीं,
अब तू ही बता ऐ ज़िन्दगी,
कैसी है यह दीवानगी,
तेरा साथ निभाना है,
संग चलने का वक़्त नहीं..
पर सोने का वक़्त नहीं,
ज़ख्म भरे हैं सीने में,
पर सीने का वक़्त नहीं,
हर पल दौड़ती दुनिया है,
पर जीने का वक़्त नहीं,
हजारों ग़म इस दिल में भरे,
पर रोने का वक़्त नहीं,
सारे नाम ज़ेहेम में हैं,
पर दोस्ती का वक़्त नहीं,
अब तू ही बता ऐ ज़िन्दगी,
कैसी है यह दीवानगी,
तेरा साथ निभाना है,
संग चलने का वक़्त नहीं..
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