हादसों की खबर से दिल उनका
अब सिहरता नहीं
किसी के दर्द में हमदर्दी जताने के लिए
अब कोई निकलता नहीं
लगाने लगता है हिसाब कीमत का
किसी की लाश
किसी के दर्द
तो किसी के ज़ख्म का
क्या वह कभी दे सकेगा हिसाब...?
किसी के दर्द
किसी के अपनों
किसी के सपनो का.... ???