ममता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
ममता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 26 फ़रवरी 2012

माफ़ नहीं करना मुझे.... संध्या शर्मा

आई थी तू
मेरे आँचल में
अभागिन मैं
तुझे देख भी न सकी
आज भी गूंजती है
तेरी मासूम सी आवाज़
मेरे कानो में
वह माँ- माँ की पुकार
बस सुना है तुझे
कुछ भी न कर सकी
नियति कहूँ
किस्मत कहूँ
या अपनी भूल
क्या कहूँ
कुछ कह भी नहीं सकती
यह भी नहीं कह सकती
तू दुनिया में नहीं आई
आई थी तू
स्वागत न कर सकी तेरा
ममता नहीं उड़ेली तुझपर
जाने दिया दुनिया से तुझे
तू चली गई
बहुत दूर.........!
पुकारती रही मुझे
भूल न सकूंगी तुझे
हर पल याद करती हूँ
बहते हैं आंसू
छलकता है आँचल
वादा है तुझसे
अगला जन्म लूंगी
फिर जन्म दूँगी तुझे
छुपा लूंगी आँचल में
लुटाउंगी ममता तुझपर
जो जी चाहे सजा देना
मुझे पल-पल सताना
मेरी ममता को तरसाना
जितना जी चाहे रुलाना
पर माफ़ नहीं करना मुझे.... 
                      

सोमवार, 6 फ़रवरी 2012

एक देवी हो तुम... संध्या शर्मा


सक्षम / सृजक 
संस्कारों एवं
सृष्टि का आधार
जिम्मेदार/समझदार
प्रकृति का अनमोल उपहार
पालनहार
मौन/प्राण/ अपान
ममता/सत्य 
ललकार
क्षमताओं से परिचित
संदेहों से प्रभावित
अधिकारों से वंचित
नारी नहीं
देवी हो तुम