हर एक सफर की कहानी लिखो,
दिल की धड़कनों की रवानी लिखो।
रास्तों में बिखरी है गुलों की महक,
बाद-ए-सबा की मेहरबानी लिखो।
कैसे मिलते हैं लोग कहीं दूर पर,
उस ताज़ा घड़ी की निशानी लिखो।
एक ख़त था जो अब बन गया दास्ताँ,
उस महबूब की सादा-जुबानी लिखो।
सोचती हूँ ये आँखें नम क्यों हुई,
उस दर्द की सच्ची बयानी लिखो।