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रविवार, 22 फ़रवरी 2026
इक ऐसी जगह हो...!
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न जाने कब से सोच रही हूँ ऐसी जगह जाने की, जहाँ जाते ही जगहें मुझे गले लगाते हुए पूछें— "इतने दिन कहाँ थी? कैसी है?" जहाँ हर पेड़ ...
9 टिप्पणियां:
बुधवार, 5 जून 2024
हरियाली खुशहाली है... संध्या शर्मा
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बच्चों आओ मैं हूँ पेड़ मुझे लगाओ करो ना देर जब तुम मुझे उगाओगे धरती सुखी बनाओगे दुनिया मेरी निराली है हरियाली खुशहाली है रोको मुझपर होते प्...
10 टिप्पणियां:
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