पेज
(यहां ले जाएं ...)
मुखपृष्ठ
मेरी कविताएं
▼
मंगलवार, 28 जून 2016
शब्द - शब्द अर्थ...
›
तुम्हारे पास अर्थ हैं जितने मेरे पास शब्द न उतने बड़े मीठे है तुम्हारे... गीत अनसुने बहुत सच्ची है तुम्हारी... कहानी अनस...
4 टिप्पणियां:
शनिवार, 4 जून 2016
पातालेश्वर की लेणी या पातालेश्वर मंदिर, पुणे
›
महाराष्ट्र को गुफाओं के क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है जहां हीनयान के काल से ही अनेक गुफाओं का निर्माण हुआ और स्थापत्य शास्त्र ...
6 टिप्पणियां:
बुधवार, 23 मार्च 2016
होली होली... संध्या शर्मा
›
आई फिर से रुत रंगीली टेसू दहके, सरसों पीली गाल-भाल पर रंग गुलाबी खूब हो रही हंसी ठिठोली गोरी सूरत हो या भोली ...
9 टिप्पणियां:
शनिवार, 6 फ़रवरी 2016
परिचय से पहले बोलोगे...
›
दूर गगन में सुकुवा उगे शीतल मंद पवन चले परिन्दे निकले नीड़ों से वन में सुंदर फ़ूल खिलें भोर नवल सूरज ले आए धरती पर प्रकाश ...
15 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें