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मेरी कविताएं
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शुक्रवार, 21 जनवरी 2011
"POORA SWAPNA TERA HO"
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"पूरा स्वप्न तेरा हो" मेरी गोद से उतरकर अब तू , इस धरती पर चलना सीख. कठिन सही ये राह मगर तू, गिरकर भी संभलना सीख. चाँद सितारो...
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शुक्रवार, 14 जनवरी 2011
BHOOL
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"भूल " सभी तो करते हैं, इसलिए मैंने भी प्रेम करके देखा सब तो खाते हैं कसमे, इसलिए मैंने भी कसमें खायीं गाते तो सब हैं, इसलि...
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गुरुवार, 6 जनवरी 2011
MUJHKO MANN CHAHIYE
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मुझको मन चाहिए जिसमे नफरत न हो मुझे ऐसा मन चाहिए जहाँ शांति बसे ऐसा वतन चाहिए जहाँ फूलों पर न काँटों का घेरा हो ऐसा चमन चाहिए जिसम...
18 टिप्पणियां:
गुरुवार, 30 दिसंबर 2010
"NAYA SAAL"
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"नया साल" आम इंसान की जिंदगानी में भी, करिश्मा क्यूँ नहीं होता, साल आता है, हर साल, पर नया नहीं होता.. वही चिंता है, रोटी की,...
21 टिप्पणियां:
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