पेज
(यहां ले जाएं ...)
मुखपृष्ठ
मेरी कविताएं
▼
आँचल
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
आँचल
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, 29 फ़रवरी 2012
मेरे गीतों का आधार... संध्या शर्मा
›
क्या बिना अभिव्यक्ति के प्यार प्यार नहीं होता क्यों इतना मुश्किल है प्रेम को दर्शाना क्यों न अंतर में इस प्रेम को जियें आखों से कहें ...
30 टिप्पणियां:
रविवार, 26 फ़रवरी 2012
माफ़ नहीं करना मुझे.... संध्या शर्मा
›
आई थी तू मेरे आँचल में अभागिन मैं तुझे देख भी न सकी आज भी गूंजती है तेरी मासूम सी आवाज़ मेरे कानो में वह माँ- माँ की पुकार बस सुना ह...
24 टिप्पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें