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मेरी कविताएं
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शनिवार, 31 दिसंबर 2016
आकांक्षा...संध्या शर्मा
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आने वाला वर्ष सभी के लिए मंगलमय हो इसी कामना के साथ आप सभी को सहपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ... ओ अम्बर! मैंने कभी नहीं चाहा त...
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शुक्रवार, 30 सितंबर 2016
आखिर कब सुरक्षित होगी नारी इस समाज में?
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वेदों ने कहा है 'यत्र नारी पूज्यते रम्यते तत्र देवता। नारी को देवी का सर्वोच्च स्थान देने के बाद भी यहाँ नारी सदियों से प्रताडि़त ही...
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शुक्रवार, 2 सितंबर 2016
तान्हा पोळा एवं मारबत - बड़ग्या उत्सव
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भारतीय जनमानस में लोकपर्वों का अत्यधिक महत्व है, उत्सवधर्मी समाज इन पर्वों को बड़ी धूमधाम से मनाता है। ग्रामीण भारत के अधिकांशत: त्यौहार क...
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रविवार, 14 अगस्त 2016
आज़ादी....!
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एक बात कहूँ..? खरीदोगे तो अपमान करोगे सड़कों पर फेंकोगे न खरीदोगे तो नन्हे मज़दूरों का साल भर का इन्तज़ार व्यर्थ चलो मा...
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