पेज
(यहां ले जाएं ...)
मुखपृष्ठ
मेरी कविताएं
▼
गुरुवार, 24 अक्टूबर 2013
कहो कछु गलत तो नईया ???
›
अजब जमानो आयो रे भैया मंहगाई ने कराओ ता थैया सस्ता मोबाईल मंहगा तेल चल रओ मनरेगा को खेल खुद की भर गई सारी जेब दब गए हैं तु...
16 टिप्पणियां:
सोमवार, 21 अक्टूबर 2013
आ जाओ चाँद... संध्या शर्मा
›
उषा की लाली संग अंगना रंगोली सजाकर घर का कोना -कोना स्नेह से महकाकर रसोई के सारे काम जल्दी से निबटाकर सोलह सिंगार कर ...
14 टिप्पणियां:
रविवार, 20 अक्टूबर 2013
एक प्रश्न....
›
ईंट - पत्थरों ने मुझसे एक प्रश्न किया यही है तुम्हारी जात ? यही है तुम्हारा धर्म ? तुम जैसे जीवों से हम निर्जीव भले? बिना भ...
16 टिप्पणियां:
मंगलवार, 15 अक्टूबर 2013
आम खबर
›
ख़बरों का अम्बार ख़बरों भरा अखबार कहीं नरसंहार कहीं बलात्कार पुलिस का अत्याचार अधिकारियों का भ्रष्टाचार नेताओं के हथकंडे सुरक्षा बलों के ड...
16 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें