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मेरी कविताएं
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गुरुवार, 28 जून 2012
सिर्फ मुझे... संध्या शर्मा
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तुम्हारे नयन बोलते हैं सुनाई देते सिर्फ मुझे... तुम्हारा आना श्रावणी फुहार भिगोती है सिर्फ मुझे... तुम्हारा साथ बसंत जैसे मह...
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मंगलवार, 19 जून 2012
बरखा ... संध्या शर्मा
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कब आऊं? बरखा ने पूछा जब इच्छा हो मैंने कहा कितना भी भीगो सूखी ही रहोगी वह मुस्कुराकर बोली तुम सुनाने लगे कहानी एक दिन....! तुम और मैं साथ...
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गुरुवार, 14 जून 2012
तलाश... संध्या शर्मा
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प्रश्न - उत्तर समस्या - समाधान उलझन ही उलझन अस्तित्वहीनता डरा सहमा मन उबरने की कोशिश लड़खड़ाते कदम मन कुछ कहता है और दिमाग...
23 टिप्पणियां:
गुरुवार, 7 जून 2012
सरोकार ...संध्या शर्मा
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हम कोई पंछी नहीं जो फुदकते रहे डाल-डाल पर चहकते फिरें हर मुंडेर पर चंद दानो के लिए हम धर्मराज नहीं जो फंस जाये चक्रव्यूह में और प्...
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