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शनिवार, 31 दिसंबर 2016

आकांक्षा...संध्या शर्मा

आने वाला वर्ष सभी के लिए मंगलमय हो इसी कामना के साथ आप सभी को सहपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ...

ओ अम्बर!
मैंने कभी नहीं  चाहा 
तुम्हारी ऊंचाईयों को छूना 
हमेशा डूबना चाहा 
तुम्हारे विस्तार में
बस इतनी चाहत है 
जड़े रहें चांद-सितारे
दामन में तुम्हारे 
सागर भी आकर 
चरण तुम्हारे पखारे 
और मैं 
पलकें बंद करके 
डूबी रहूँ
प्रीत की गहराईयों में ....