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मेरी कविताएं
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गुरुवार, 15 अगस्त 2013
लहराओ तिरंगा...
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स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनायें..... देश का मुकुट हिमालय, सागर माथा अति पावन गंगा जमना की धरती ये, संस्क...
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सोमवार, 12 अगस्त 2013
मैं स्कूल कैसे जाऊं ???
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कल ऐसी बरसात हुई, हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी. नदी के किनारे है मेरा घर. घर की छत का कोना तक दिखाई नहीं दे रहा था. मैंने खुद अपनी आँखों से ...
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बुधवार, 31 जुलाई 2013
सखी री! गुनगुनाऊँ, गीत एक गाऊँ...संध्या शर्मा
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सखी री! गुनगुनाऊँ, गीत एक गाऊँ अपनो के मेले मे, कभी अकेले में, एक पल मुस्कुराऊँ, गीत एक गाऊँ सखी री! गुनगुनाऊँ, गीत एक गाऊँ बरखा...
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शुक्रवार, 26 जुलाई 2013
बरसे छंद घनघोर...संध्या शर्मा
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मुझे क्या...? कब मेघ छाये कब बरखा बरसे चाहे यक्ष-प्रिया मेघदूत को तरसे मैं तो बरखा तब जानूं जब भावमेघ कालिदास के उमड़-घुमड़ छाएं शब्दों की...
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