पेज
(यहां ले जाएं ...)
मुखपृष्ठ
मेरी कविताएं
▼
शनिवार, 26 फ़रवरी 2011
›
हाय!!! महंगाई ..... हाय हाय महंगाई.. महंगाई - महंगाई न जाने कहाँ से आई. बेबस शासन इसके आगे, ये किसी के समझ न आई. करते थे दाल-रोटी से ...
22 टिप्पणियां:
सोमवार, 21 फ़रवरी 2011
›
हर लम्हा - हर पल... संध्या शर्मा लो गुज़र गया एक और दिन एक और झूठी आस में अब हंसती भी हूँ तो लगता है अहसान कर रही हूँ अपने आप पर खुश्क आँ...
27 टिप्पणियां:
मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011
बस इतनी दुआ दो
›
उम्रभर सूरज तुमको माना करेंगे , मेरे मन का तुम अँधियारा मिटा दो. दीया हूँ एक, दुआ के वास्ते ही सही, चलो आओ गंगा में मुझको बहा दो. लो आ...
34 टिप्पणियां:
रविवार, 30 जनवरी 2011
है भारत देश हमारा
›
" है भारत देश हमारा " हर चीज़ जहाँ की प्यारी, जहाँ चाहत के हैं पुजारी, जहाँ वतन धर्म पर भारी, है, प्रीत जहाँ की न्यारी, जहाँ ग़ाल...
24 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें